मतदाता जागरूकता पर हिन्दी निबंध

मतदाता जागरूकता पर निबंध | Matdata Jagrukta Nibandh | Matdata Jagrukta essay in Hindi

प्रस्तावना

हमारा भारत देश दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और इस लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत आम जनता है जिसे हम मतदाता भी कहते हैं। ये मतदाता ही है जो लोकतंत्र का भविष्य तय करता है इसलिए देश का हर एक नागरिक जब मत देने के लिए जाता है तो उसे एक जागरूक मतदाता की तरह अपना वोट देना चाहिए।

भारत निर्वाचन आयोग की हमेशा यही कोशिश रहती है की देश के सभी लोग अपना बहुमूल्य वोट देने जरूर आयें और लोकतंत्र के इस पर्व जिसे हम चुनाव कहते हैं उसमे हिस्सा बनें।

देश के नागरिक अपने मताधिकार का सही उपयोग करें, जागरूक बनें और ज्यादा से ज्यादा लोग मतदाता सूची मे अपना नाम दर्ज करें ताकि कोई भी वोट के अधिकार से वंचित ना हो इसलिए 25 जनवरी के दिन को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के रूप मे मनाया जाता है।

मतदाता जागरूकता क्या है?

एक मतदाता जागरूक बनेगा तभी वो अपने मत देने के अधिकार का सही उपयोग कर पाएगा और तभी लोकतंत्र मजबूत होगा।

आज देश के नागरिकों मे मतदान को लेकर, चुनाव को लेकर बहुत ही कम जागरूकता है और यही कारण है की कम वोटिंग होती है, चुनाव मे गड़बड़ी की शिकायत मिलती है और ऐसे प्रतिनिधि चुने जाते हैं जो की योग्य नहीं होते।

भारत निर्वाचन आयोग देश के कोने-कोने मे एक बहुत बड़ा अभियान चला रहा है और देश के सभी नागरिकों को जागरूक करने का काम कर रहा है। यह अभियान मेला, सार्वजनिक स्थल, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, स्कूल परिसर और भीड़ भीड़ वाले स्थानों पर चलाया जा रहा है

बैनर, पोस्टर, नुक्कड़ नाटक, कार्यक्रम, टेलीविज़न, इंटरनेट के माध्यम से से लोगों मे जागरूकता बढ़ायी जा रही है ताकि हर मतदाता जागरूक बने, जिम्मेदार बने और चुनाव के महापर्व मे भागीदार बने।

क्यूँ जरूरी है मतदाता जागरूकता

मतदान को लेकर, चुनाव को लेकर जब हमें किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं होगी तो कैसे हम अपने मताधिकार का सही प्रयोग कर पाएंगे। मतदाता जागेगा नहीं तो कैसे लोकतंत्र मजबूत होगा? ऐसे कई मुद्दे हैं जिनमे जागरूक होना बहुत जरूरी है।

मतदान को लेकर कम उत्साह

आज भी देश का एक ऐसा बड़ा तबका है जिनको वोट देने का अधिकार तो मिला है लेकिन वो इस अधिकार का महत्व नहीं समझते। लोगों में चुनाव के समय वो उत्साह नहीं होता की वो घर से बाहर निकल कर अपना कीमती वोट देने जाएँ। यही सोच बदलने की जरूरत है।

हम ये सोचते हैं की मेरे अकेले के वोट देने या ना देने से क्या फर्क पड़ जाएगा, यही सोच आपके साथ और लोगों की भी है। यही कारण है की वोट देने के लिए हम घर से नहीं निकलते और नुकसान देश का होता है।

मतदाता सूची मे नाम दर्ज करना

18 साल से ऊपर के सभी नागरिकों को मत देने का अधिकार होता है लेकिन आज कई लोगों का मतदाता सूची मे नाम ही नहीं होता। ये भी कम वोटिंग होने का बड़ा कारण है।

अगर आपकी उम्र 18 साल की हो गयी है तो आपको अपना नाम मतदाता सूची मे दर्ज कराना चाहिए और उसके बाद आपको वोट देने का हक़ मिल जाता है।

अपने मत का दुरुपयोग करने से बचें

आज भी देश मे लोगों को जाती, भाषा, धर्म, नस्ल आदि के नाम पर भड़का कर वोट पाने की होड़ राजनीतिक पार्टियों में लगी रहती है और आश्चर्य की बात यह है की लोग उनके बहकावे मे आ भी जाते हैं।

लोगों को पैसों आदि का लालच देकर भी बहकाया जाता है और उसी लालच के चलते जिनको वोट नहीं देना चाहिए, लोग उसी को अपना कीमती वोट दे देते हैं।

यही होता है अपने कीमती वोट का दुरुपयोग। देश के हर नागरिक को ये बात समझनी चाहिए की लालच या बहकावे मे आकर जब आप वोट देते हैं तो वो एक तरह से लोकतंत्र पर घातक प्रहार के समान होता है। लोगों को इस विषय मे जागरूक होने की जरूरत है।

युवाओं को मतदान के लिए जोड़ना

देश के युवा, देश की धड़कन होते हैं, उनके बिना भारत के सुनहरे भविष्य की कल्पना नहीं कर सकते। युवाओं मे देखा गया है की वो मतदान को लेकर निरुत्साह होते हैं। इसी सोच को बदलने की आवश्यकता है।

एक तरह से कहा जाये तो देश का हर एक नागरिक मतदान करे और सही मत दे, यही मुख्य उद्देश्य है मतदाता जागरूकता अभियान का।

मतदाता जागरूकता के लिए किए गए कार्य

मतदाताओं को यह बात समझाने के लिए की आपका मताधिकार देश के लिए क्या महत्व रखता है, इसके लिए चुनाव आयोग और राज्य सरकारें अनेक कदम उठा रहीं हैं और उनका असर भी देखने को मिल रहा है।

25 जनवरी को मतदाता दिवस मनाया जाता है और इस दिन कई तरह के आयोजन किए जाते हैं। इस दिन के अलावा भी इस तरह के आयोजन होते रहते हैं।

सभी का नाम मतदाता सूची मे दर्ज करना

चुनाव आयोग की सबसे बड़ी कोशिश यही होती है की देश का हर एक नागरिक जिसकी उम्र 18 साल की हो गयी है उनका नाम मतदाता सूची मे पंजीकृत कराया जाये ताकि वो भी मतदान कर सकें।

इसके लिए चुनाव आयोग ने जगह-जगह बूथ का इंतिज़ाम किया है जहां कोई भी व्यक्ति जाकर अपना मतदाता सूची मे नाम दर्ज करा सकता हैं। इसके अलावा कई राज्यों मे घर बैठे ही यह काम हो रहा है। मतदाता सूची मे नाम पंजीकृत होने के बाद आपको वोटर कार्ड दिया जाता है।

स्कूल, कॉलेज मे जागरूकता कार्यक्रम

स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थानो मे तरह-तरह के कार्यक्रम करके लोगों को जागरूक बनाया जा रहा है। स्कूलों मे पढ़ने वाले बच्चे पहले से ही मतदान का महत्व समझ पाएँ इसके लिए स्कूल मे निबंध लिखने की प्रतियोगिता, नाटक, चित्रकाम आदि का आयोजन किया जाता है।

नाटकों का आयोजन

शहर – गाँव की गली-गली में नाटकों के माध्यम से लोगों को जागरूक बनाया जा रहा है। गाँव मे आज भी लोगों मे जागरूकता का अभाव है और ज़्यादातर वहाँ मतदान  जाति,धर्म, लालच मे आकर इन सभी को ध्यान मे रखकर होता है। नाटकों के जरिये उनकी यही सोच बदलने की कोशिश की जाती है।

पोस्टर रेलियों का आयोजन

मतदाता जागरूकता से जुड़े तरह-तरह के पोस्टर बनाकर जगह-जगह रेलियों का आयोजन किया जाता है। लोग इन रेलियों मे उत्साह से शामिल होते हैं और वोट के अधिकार का महत्व समझाते हैं।

टेलीविज़न, न्यूज पेपर, रेडियो आदि के माध्यम से प्रचार

टेलीविज़न, रेडियो, न्यूज पेपर, इंटरनेट आदि के माध्यम से भी देश के लोगों को जागरूक किया जाता है। टीवी और इंटरनेट प्रचार करने का लिए बहुत अच्छे माध्यम हैं।

मतदाता जागरूकता के नारे

युवा शक्ति के तीन हैं काम,
शिक्षा, सेवा और मतदान।

लोकतन्त्र का भाग्य-विधाता,
होगा जागरूक मतदाता।

आपका मतदान,
लोकतंत्र की जान।

सारे काम छोड़ दो,
सबसे पहले वोट दो।

वोट डालने जाना है,
अपना  फर्ज निभाना है।

लालच देकर वोट जो मांगे,
भ्रष्टाचार करेगा आगे।

लोकतंत्र का यह आधार,
वोट ना कोई हो बेकार।

करे राष्ट्र का जो उत्थान,
करें उसी को हम मतदान।

ना नशे से, ना नोट से,
किस्मत बदलेगी वोट से।

अंतिम शब्द

भारत जैसे लोकतांत्रिक देश मे हर एक मतदाता का मत अमूल्य है। हमारे एक वोट से ही हार जीत का फैसला होता है। अगर हम जागरूक होंगे तो मत सही व्यक्ति को जाएगा और वही व्यक्ति देश का विकास कर सकता है। अतः जागरूक और जिम्मेदार मतदाता बनें।

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