मेरा विद्यालय निबंध – Mera School Hindi Essay

मेरा विद्यालय हिन्दी निबंध | स्कूल पर हिन्दी निबंध | Mera School, Mera Vidyalay Hindi Essay

किसी भी विद्यार्थी के लिए उसका विद्यालय एक शिक्षा का मंदिर होता है और एक विद्यार्थी हमेशा अपने शिक्षा के मंदिर का ऋणी रहता है क्यूंकी उसके भविष्य का निर्माण वहीं से होता है। यहाँ हम “मेरा विद्यालय” पर निबंध लेकर आए हैं, परीक्षा में अकसर आपसे इसके बारे में पूछा जाता है। 

मेरा विद्यालय (150 शब्द) 

मेरे विद्यालय का नाम शारदा विद्यालय है। मेरे विद्यालय में कक्षा 1 से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई होती है। मेरा स्कूल मेरे घर से कुछ ही दूरी पर है इसलिए मैं पैदल चलकर ही अपने स्कूल जाता हूँ।
मेरा विद्यालय क्षेत्रफल की दृष्टि से बहुत विशाल है और इसके अंदर एक बहुत बड़ा खेल का मैदान है। खेल के मैदान के बगल में सुंदर बगीचा भी है जहां सुंदर-सुंदर फूल और पेड़ लगे हुये हैं।

इसके साथ ही मेरे विद्यालय में एक बड़ी प्रयोगशाला और पुस्तकालय भी है जो हर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए बनाया गया है।

हमारे स्कूल के सभी शिक्षक बहुत ही अच्छे हैं और हमें बहुत ही अच्छी तरह से पढ़ाते हैं। हमारे प्रधानाचार्य बहुत ही विनम्र स्वभाव के हैं और हर रोज विद्यार्थियों से वार्तालाप करने क्लास में जरूर आते हैं।

हर वर्ष हमारे स्कूल मे तरह तरह के कार्यक्रम, नाटक, प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। सच मुच मेरा विद्यालय सबसे अच्छा है और पढ़ाई के लिए अनुकूल।

मेरा विद्यालय हिन्दी निबंध (300 शब्द) 

मेरे स्कूल का नाम सरस्वती विद्या मंदिर है। मेरे घर से स्कूल की दूरी सिर्फ आधे किलोमीटर जितनी है इसलिए मैं पैदल चलकर ही अपने स्कूल जाता हूँ। मेरे स्कूल की इमारत पक्की है और किसी भी मौसम में हमें किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं होती। बैठने की उचित व्यवस्था, पीने का साफ पानी, शौचालय आदि की अच्छी सुविधा है।

मेरे विद्यालय में खेल कूद के लिए विशाल मैदान है जहां हम लोग खेलते हैं। इसके साथ साथ एक सुंदर बगीचा भी है जहां सुंदर पुष्प और वृक्ष लगे हुये हैं।

मेरे स्कूल के सभी शिक्षक अति विनम्र हैं और बड़ी अच्छी तरह से हमें पढ़ाते हैं। हमारे प्रधानाचार्य हमें सदा अच्छी बातें बताते हैं और हर रोज स्कूल की क्रियाओं का अवलोकन करते हैं।

हमारे विद्यालय में एक बड़ा पुस्तकालय है जहां सभी विद्यार्थियों के पढ़ने के लिए अच्छी-अच्छी पुस्तकें हैं। साथ ही साथ एक बड़ी प्रयोगशाला भी है जहां विज्ञान से संबन्धित प्रयोग किए जाते हैं।

हमारा विद्यालय एक बड़े ही शांत वातावरण में स्थित है जहां किसी भी प्रकार का ध्वनि या वायु प्रदूषण नहीं है, इसलिए सभी विद्यार्थी एक अच्छे और शांत वातावरण में पढ़ाई करते हैं।
हमारे विद्यालय में हर साल तरह तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम भी किए जाते हैं ताकि विद्यार्थीगण अपने अंदर छुपी कला का प्रदर्शन कर सकें। हर वर्ष हम शिक्षक दिवस, बाल दिवस, गणतन्त्र दिवस, योग दिवस आदि को मनाते हैं।

हमारे स्कूल में सभी विद्यार्थी नियमित आते हैं और यहाँ अनुशासन का खास पालन किया जाता है। हर माह विद्यार्थियों के लिए परीक्षाओं का आयोजन किया जाता है।

मैं प्रतिदिन अपने स्कूल जाता हूँ और पढ़ाई के साथ-साथ अलग-अलग आयोजनों में भी भाग लेता हूँ। ये मेरा सौभाग्य है की मैं सरस्वती विद्या मंदिर का विद्यार्थी हूँ। शिक्षा प्राप्त करने के लिए मेरा विद्यालय एक आदर्श है।

मेरा विद्यालय (600 शब्द) 

विद्यालय शिक्षा का मंदिर होता है और मेरा स्कूल भी मेरे लिए एक मंदिर के समान है। मेरे विद्यालय का नाम उन्नति विद्या विहार है और मेरे शहर के सबसे उच्च कोटी के विद्यालयों में से एक है। मेरे घर से मेरे स्कूल की दूरी बहुत कम है इसलिए मैं पैदल चलकर ही स्कूल जाता हूँ।
प्रतिदिन स्कूल के कार्य की शुरुआत प्रार्थना और राष्ट्रगान से होती है। 

हमारे विद्यालय में कक्षा 1 से लेकर 12वीं तक की पढ़ने की व्यवस्था है और हिन्दी, इंग्लिश दोनों माध्यमों की पढ़ाई यहाँ होती है।

मेरा स्कूल बहुत बड़े क्षेत्रफल में फैला हुआ है और पक्की इमारत का बना हुआ है। किसी भी मौसम में हमें किसी भी प्रकार की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ता। सभी कक्षाओं में बैठने के लिए अच्छी सुविधा है और साथ ही पीने का साफ पानी, शौचालय आदि की सुंदर व्यवस्था है।

मेरे स्कूल के मध्य में एक बड़ा सा खेल का मैदान है जहां सभी विद्यार्थी खेलने का आनंद लेते हैं। बच्चों से लेकर बड़ों के लिए यहाँ खेल कूद के कई साधन भी हैं। हर साल इसी मैदान में कई आयोजन किए जाते हैं।

मेरे विद्यालय में एक विशाल पुस्तकालय भी है जहां कई तरह की ज्ञानवर्धक पुस्तकों की व्यवस्था है। एक बड़ी प्रयोगशाला पुस्तकालय के बगल में स्थित है जहां विज्ञान से संबन्धित प्रयोगों को किया जाता है। एक विशाल खंड भी है जहां सभी शिक्षकगण बैठक करते हैं।

कम्प्युटर के दौर को ध्यान मे रखते हुए  हमारे स्कूल मे एक बड़ा कम्प्युटर रूम भी है जहां विद्यार्थियों को कम्प्युटर की शिक्षा दी जाती है।

मेरे स्कूल के सभी शिक्षक अति विद्वान, विनम्र और व्यवहारिक हैं। हमारे साथ बहुत ही अच्छा वर्तन किया जाता है और हम सभी विद्यार्थी भी अपने शिक्षकों का बहुत मान-सम्मान करते हैं।
मेरे स्कूल के प्रधानाचार्य एक अच्छे व्यक्तित्व के धनी हैं और हमेशा स्कूल के विधार्थियों का उत्साह बढ़ाते रहते हैं। यही नहीं स्कूल में काम करने वाले अन्य कामदार भी बहुत ही अच्छे हैं।

हमारे स्कूल में हर वर्ष कई तरह तरह के खेल कूद, नाटक, प्रतियोगिताओं आदि का आयोजन किया जाता है और मैं भी इसमें बढ़-चढ़कर भाग लेता हूँ।

किसी भी विद्यालय में पढ़ने-लिखने का अच्छा वातावरण का होना बहुत ही आवश्यक होता है इसी चीज को ध्यान में रखते हुये हमारा स्कूल ऐसी जगह पर स्थित है जहां किसी भी प्रकार का ध्वनि या वायु प्रदूषण नहीं है। एक बहुत ही सुंदर और शांत वातावरण हमें पढ़ाई करने के लिए प्रदान किया जाता है।

मेरे विद्यालय में दूर-दूर से विद्यार्थी भी पढ़ने के लिए आते हैं इसलिए उनके लिए खास बस का इंतजाम भी किया गया है। स्कूल के सभी विद्यार्थियों के लिए एक ही तरह की ड्रेस है जो की हमें हर रोज पहनकर जाना पड़ता है।

किसी भी विद्यालय में अनुशासन ना हो तो वहाँ शिक्षा का स्तर भी गिरता है इसलिए हमारे स्कूल में सभी विद्यार्थियों से अनुशासन का चुस्त पालन कराया जाता है और अनुशासन तोड़ने वाले को दंडित भी किया जाता है।

हर वर्ष हमारे विद्यालय में बाल दिवस, योग दिवस, गणतन्त्र दिवस, शिक्षक दिवस आदि का आयोजन किया जाता है और सभी इसमें बढ़-चढ़ कर भाग लेते हैं।

मेरे विद्यालय में अमीर-गरीब सभी वर्ग के लोग पढ़ने आते हैं और सभी के साथ एक समान व्यवहार किया जाता है। गरीब विद्यार्थियों को छात्रवृत्ती भी दी जाती है ताकि उनकी पढ़ाई में किसी भी प्रकार की आर्थिक समस्या ना आए।

मैं बहुत ही भाग्यशाली हूँ की मैं इस स्कूल का एक विद्यार्थी हूँ। एक विद्यालय कैसा होना चाहिए उसका सबसे बड़ा आदर्श मेरा विद्यालय है। शिक्षा के इस मंदिर का मैं सदैव ऋणी रहूँगा। अपने इस मंदिर को मैं हाथ जोड़कर नमन करता हूँ।

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