मेरे प्रिय शिक्षक निबंध | My Favorite Teacher essay in Hindi

मेरे प्रिय शिक्षक निबंध | My Favorite Teacher essay in Hindi 

यदि माँ-बाप हमें जन्म देते हैं तो एक गुरु एक शिक्षक हमारे जीवन को सफल बनाते हैं। शिक्षक को ईश्वर से भी ऊंचा माना गया है। हमारा भविष्य एक शिक्षक ही बनाता है अतः उनके इस ऋण को हमें सदैव स्मरण रखना चाहिए। 

मेरे प्रिय शिक्षक पर यहाँ हम आपके लिए हिन्दी निबंध लेकर आए हैं। स्कूल में आपका भी कोई ना कोई प्रिय अध्यापक होगा। अपने प्रिय शिक्षक के बारे में निबंध की तैयारी आप यहाँ कर सकते हैं। 

मेरे प्रिय शिक्षक निबंध (150 शब्द) 

मेरे स्कूल में वैसे तो सभी शिक्षक बहुत अच्छे हैं लेकिन मेरे सबसे प्रिय शिक्षक आशीष सर हैं। आशीष सर ने बीएड तक की पढ़ाई की है और वे हमें हिन्दी विषय पढ़ाते हैं। वे समय के बड़े पाबंद हैं और नियमित समय पर विद्यालय उपस्थित हो जाते हैं। एक शिक्षक का स्वभाव विनम्र, शांत दयावान होना चाहिए वो सभी गुण मुझे उनके अंदर दिखाई देते हैं।

क्लास में पढ़ाते समय वो हमें हर चीज को विस्तार से समझाते हैं और कोई संशय होने पर उसका समाधान भी करते हैं। वे  हमें सदा अच्छी राह पर चलने का संदेश देते हैं और किसी विद्यार्थी के गलती करने पर उसे मारने-पीटने की वजाय उसे प्यार से समझाते हैं और उसे उसकी गलती का एहसास कराते हैं।

एक आदर्श शिक्षक कैसे होना चाहिए वो सभी गुण मुझे आशीष सर में दिखाई देते हैं। मेरे भविष्य को सँवारने में उनका योगदान मैं हमेशा स्मरण रखूँगा।

मेरे प्रिय शिक्षक निबंध (200 शब्द) 

एक आदर्श शिक्षक कैसा होना चाहिए इसका जीता-जागता उदाहरण हैं मेरे नवनीत सर। वे मेरे सबसे प्रिय शिक्षक भी हैं। उनका वो शांत स्वभाव, हसमुख चेहरा, विनम्रतापूर्ण व्यवहार और अथाह ज्ञान सभी को आकर्षित करता है। स्कूल में सभी विद्यार्थियों के वो चहेते हैं।

वे हमें कक्षा में अँग्रेजी विषय पर पढ़ाते हैं। अँग्रेजी का उन्हें बहुत अच्छा ज्ञान है। कक्षा में सभी विद्यार्थियों को वे आसान तरीके से पढ़ाते हैं। उनके समझाने का तरीका इतना सरल है की सभी को आसानी से हर बात समझ आ जाती है। उनके विषय का हर विद्यार्थी उत्तीर्ण होता है क्यूंकी वे हर विद्यार्थी पर मेहनत करते हैं।

नवनीत सर पढ़ाई के साथ-साथ हमें और भी अच्छी-अच्छी बातें बताते हैं। उनका मानना है की जीवन के प्रति हमें सदा सकारात्मक सोच रखनी चाहिए और मार्ग की कोई भी चुनौती आए उसका डटकर मुक़ाबला करना चाहिए।

नवनीत सर के जीवन में समय और अनुशासन का बड़ा महत्व है। उनका कहना है की जीवन में समय कभी भी व्यर्थ नहीं करना चाहिए, व्यक्ति को समय का पाबंद होना जरूरी है। साथ ही व्यक्ति का जीवन अनुशासित होना चाहिए।

स्कूल में खेल कूद में वो बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं और हमें भी यही शिक्षा देते हैं की पढ़ाई के साथ-साथ खेल कूद भी जरूरी है।

नवनीत सर की जीवन के प्रति सकारात्मक सोच और उनका व्यवहार मुझे बेहद पसंद है और मैं भी उन्हीं की तरह का व्यक्तिव का धनी बनना चाहता हूँ।

मेरे प्रिय शिक्षक निबंध (300 शब्द) 

मेरे स्कूल में अनेक शिक्षक और शिक्षिकाएं हैं, जो बच्चों को अलग-अलग विषय का ज्ञान देते हैं। सभी शिक्षक बहुत अच्छे और हम सभी विद्यार्थियों के सम्माननीय हैं। सभी शिक्षकों में मेरे प्रिय शिक्षक उदित सर हैं जिनकी बहुमुखी प्रतिभा के सभी प्रशंसक हैं।

उदित सर हमें इतिहास विषय के बारे में पढ़ाते हैं और कक्षा में पढ़ाते समय वे हमें इतिहास का समुचित ज्ञान देते हैं। किसी विद्यार्थी के समझ न आने पर हमारी हर शंका का समाधान भी करते हैं। कक्षा में पढ़ाने के साथ-साथ वे हमें कई अच्छी-अच्छी बातें भी समझाते हैं जैसे की – बड़ों का सम्मान करना, सुबह उठकर धरती के पैर छूना, अपनी गलती पर क्षमा मांगना और विनम्रता पूर्वक व्यवहार करना आदि।

वे हमें इतिहास की बातों को समझाने के साथ ही प्रेरक कहानियां और अच्छे व्यक्तित्व वाले लोगों के जीवन के बारे में भी बताते हैं। कक्षा में किसी विद्यार्थी से गलती होने पर वे उसे प्यार से समझाते हैं, तो कभी-कभी डांट भी लगा देते हैं। मार-पीट के वो सख्त खिलाफ हैं।

वे कभी भी अपने विद्यार्थियों में भेदभाव नहीं करते। वे हमेशा विद्यार्थ‍ियों का उत्साह बढ़ाते हैं और खेल-कूद एवं पढ़ाई में समान रूप से ध्यान देने की सीख भी देते हैं।

उदित सर अपने हर विद्यार्थी की कमजोरी और उसकी प्रतिभा का जानते हैं। वे हमेशा हमारी कमजोरी को दूर कर हमारी प्रतिभा को प्रोत्साहित करते हैं। उनके इस प्रोत्साहन का ही परिणाम है, कि हम पढ़ाई के साथ-साथ, खेल-कूद और प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर पाते हैं।

वे सादा जीवन और उच्च विचार में विश्वास रखने वाले व्यक्ति हैं। गरीब लोगों की मदद के लिए वे हमेशा आगे रहते हैं। स्कूल में ऐसे कई विद्यार्थी हैं जो आर्थिक रूप से सक्षम नहीं हैं, ऐसे विद्यार्थियों की वे आर्थिक मदद भी करते हैं।

शिक्षक के बिना किसी शिष्य का जीवन नहीं बन सकता। माता पिता हमें जीवन देते हैं तो एक शिक्षक हमें जीवन जीना सिखाता हैं। मैं उदित सर का हमेशा ऋणी रहूँगा और मेरे हृदय में उनके लिए सदैव उच्च स्थान रहेगा।

मेरे प्रिय शिक्षक निबंध (500 शब्द) 

यदि माता-पिता बच्चों में संस्कार का सृजन करते हैं तो एक गुरु उनके भविष्य को संवारता है। गुरु (शिक्षक) का स्थान ईश्वर से भी बड़ा बताया गया है। मेरी स्कूल में भी सभी शिक्षक गुणी और स्वभाव के अच्छे हैं। सभी शिक्षकों में मेरे सबसे प्रिय शिक्षक सावित्री मैडम हैं जो हमें विज्ञान के विषय में पढ़ातीं हैं। उन्होने M.S.C तक की पढ़ाई की है।

वे हर रोज नियमित रूप से विद्यालय आतीं हैं। समय की बड़ी पाबंद हैं सावित्री मैडम इसलिए स्कूल में कभी भी देरी से नहीं पहुंचतीं। स्कूल में सभी के साथ उनका व्यवहार अत्यंत विनम्र है। सभी शिक्षक गण, प्रधानाचार्य और स्कूल में काम करने वाले अन्य कर्मचारी सावित्री मैडम की प्रशंसा करते नहीं थकते, उनकी बातें, व्यवहार और उनके ज्ञान की सभी प्रशंसा करते हैं। उनके चेहरे पर हमेशा मुस्कान रहती है कभी भी मैंने उन्हें क्रोध करते नहीं देखा।

अपनी कक्षा में वे सभी विद्यार्थियों के साथ समानता का व्यवहार करतीं हैं। पढ़ाते समय वे हर बात को बड़ी बारीकी से समझातीं हैं और कोई बात अगर समझ में नहीं आती तो उसे पुनः समझातीं हैं। कक्षा के पढ़ाई में कमजोर विद्यार्थियों पर मैडम खास ध्यान रखतीं हैं। उनके पढ़ाने का ढंग सबसे अलग है, कठिन से कठिन विषय को बड़ी आसान और सरल भाषा में समझाने का तरीका उन्हें अच्छी तरह से आता है।

सावित्री मैडम बच्चों के साथ मार-पीट करने के सख्त खिलाफ हैं। इसलिए वे कभी भी किसी विद्यार्थी पर हाथ नहीं उठातीं। उनका मानना है हर बच्चे के अंदर कोई ना कोई कला होती है जिसे निखारने की आवश्यकता है।

वे हमेशा हमें यही शिक्षा देतीं हैं की हमारी जिस चीज में रुचि है वही काम करना चाहिए। क्लास में यदि कोई विद्यार्थी गलती करता हैं तो उसे मारने की वजाय मैडम उसे प्यार से उसकी गलती बतातीं हैं और भविष्य में ऐसी गलती ना करने के लिए समझातीं हैं।

सावित्री मैडम पढ़ाने के अलावा भी हमें जीवन के बारे में बहुत अच्छी-अच्छी बातें बतातीं हैं। एक व्यक्ति का जीवन कैसा होना चाहिए, उसकी क्या ज़िम्मेदारी होनी चाहिए ये सारा नैतिक ज्ञान भी हमें वो देतीं हैं।

हमारी मैडम गरीब बच्चों की मदद करने के लिए सदैव तत्पर रहतीं हैं। जो बच्चे स्कूल नहीं जा पाते उन्हें वे उन्हें पुस्तक, कपड़े आदि देकर और आर्थिक रूप से मदद भी करतीं हैं। उनका कहना है की देश का हर बच्चा शिक्षित होना चाहिए तभी देश का भविष्य सुरक्षित होगा।

हमारी स्कूल में हर साल कई सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं जिनका संचालन सावित्री मैडम ही करतीं हैं। वे हमेशा विद्यार्थियों को खेल कूद, नृत्य, संगीत, नाटक आदि में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करतीं हैं। उनका मानना है की पढ़ाई के साथ-साथ मनोरंजन भी होना जरूरी है।

एक आदर्श शिक्षक के सभी गुण मुझे सावित्री मैडम में दिखाई देते हैं। वे जीवन के प्रति हमेशा हकारात्मक सोच रखतीं हैं और हम सभी विद्यार्थियों को भी ऐसी ही सोच रखने की प्रेरणा देतीं हैं। मैं बहुत ही भाग्यशाली हूँ की सावित्री मैडम मेरी शिक्षक हैं, कल को जब मैं एक सफलव्यक्ति बनूँगा तो उसमें सबसे बड़ा योगदान मेरी प्रिय शिक्षक सावित्री मैडम का होगा।

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